बीमारी छोटी हो या बड़ी शरीर के स्वास्थ्य के लिए बेहद ही हानिकारक होती है। लेकिन वहीं पुरूष और महिलाओं की कई ऐसी बीमारियाँ भी होती है जिन्हें बताने में दोनों हिचकिचाते है और इसी हिचकिचाहट में वह अपनी बीमारी का इलाज भी नहीं करवा पाते और आगे जाकर यह बीमारी उनके लिए असहनीय हो जाती है। ऐसी ही एक बीमारी है स्तंभन दोष, जो कि पुरूषों में पाई जाती है। इस बीमारी के बारे में पुरूष खुलकर बात भी नहीं करते और ना ही इसका इलाज करवाते है।

क्या है स्तंभन दोष

स्तंभन दोष, एक ऐसी बीमारी जिसमे पुरूष संभोग के लिए इरेक्शन प्राप्त नहीं कर सकता और ना ही बनाएँ रख सकता है। स्तभंन दोषों से पीड़ित लोगों में स्तंभन शायद ही होता है और अगर होता है तो वह केवल कुछ मिनटों के लिए ही होता है। स्तंभन दोष के प्रति वर्ष लगभग 10 लाख से अधिक मामले सामने आते है। पुरूष इस बीमारी के बारे में खुलकर बात करना पसंद नहीं करते और ना ही डॉक्टर से अपनी इस बीमारी के बारे में बात करते है। पुरूषों में स्तंभन दोष के कई कारक हो सकते है। उनमें से कुछ कारक जीवनशैली से संबंधित है तो वहीं कई अन्य कारक भी स्तंभन दोष का कारक बन सकते है।

कम उम्र में स्तंभन दोष होने का कारण

स्तंभन दोष जोकि पहले 40 से अधिक उम्र के पुरूषों में पाया जाता था। लेकिन अब यह बीमारी आम हो चुकी है। आज कल 20 से 30 उम्र के पुरूष भी इस बीमारी का शिकार हो रहे है। स्तंभन दोष के कारण पुरूष के पेनिस को इतना रक्त प्रवाह नहीं मिल पाता जिससे कि वह उत्तेजित हो सके। चलिए जानते है कि आखिर कौन से ऐसे कारण है जिसके चलते कम उम्र में ही पुरूषों को स्तंभन दोष जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ता है।

  • धूम्रपान करना

कम उम्र में स्तंभन दोष होने का एक मुख्य कारण धूम्रपान करना है। आज की युवा अपने तनाव को कम करने के लिए धूम्रपान का सहारा लेती है और हद से ज्यादा इसका सेवन स्तंभन दोष का कारण बन सकता है। क्योंकि धूम्रपान आपके रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुँचा सकता है और स्तंभन दोष अक्सर लिंग की खराब आर्ट्री द्वारा खून की कमी का परिणाम है। यदि आप स्तंभन दोष जैसी बीमारियों से बचना चाहते है तो आपको धूम्रपान छोड़ना होगा। जोकि आपकी सेहत के लिए बहुत हानिकारक होता है।

  • हृदय रोग

हृदय रोग भी स्तंभन दोष का एक बड़ा कारण होता है। अगर आपको हृदय से जुड़ी कोई भी परेशानी है तो आपको स्तंभन दोष होने की संभावना कई गुणा बढ़ जाती है। क्योंकि उत्तेजित होने के लिए बेहद जरूरी है कि आपके शरीर में रक्त का अच्छे से संचार होना। अगर रक्त सही ढंग से शरीर के अन्य भागों तक नहीं पहुँचेगा तो रक्त धमनियों में इकट्ठा हो सकता है। इस स्थिति को एथेरोसेलेरोसिस के नाम से जाना जाता है। तो वहीं अगर आपका हृदय स्वस्थ नहीं रहता तो आपको कम उम्र में ही स्तंभन दोष होने की संभावना बढ़ जाती है।

  • मानसिक तनाव होना

आज का युवा जहाँ वह अपने करियर की चिंता, परिवार की चिंता जैसी कई चिंताओं से घिरा होता है। जिससे कि आज के समय में युवाओं में डिप्रेशन बहुत बढ़ गया है। जब व्यक्ति मानसिक तनाव में होता है तो वह किसी भी काम को उत्तेजित होकर नहीं कर पाता। इसी के साथ कहीं न कहीं स्तंभन दोष का भी एक मुख्य कारण मानसिक तनाव भी हो सकता है।

  • शारीरिक रूप से अस्वस्थ होना

यदि आप शारीरिक रूप से स्वस्थ नहीं है और आप अपने शरीर को एक्टिव नहीं रख पाते इसी के साथ अगर आप किसी न किसी बीमारी से ग्रसित है तो आपको भी स्तंभन दोष होने की संभावना बढ़ सकती है।

  • डायबिटीज़ होना

अगर आपको डायबिटीज़ है तो आपको भी स्तंभन दोष होने की संभावना बढ़ जाती है। क्योंकि डायबिटीज़ के दौरान ब्लड शूगर लेवल काफी अधिक बढ़ जाता है और जब शूगर लेवल बढ़ता है तो इससे आपकी ब्लड वैसल्स को भी नुकसान पहुँच सकता है और आज कल डायबिटीज़ कम उम्र के युवाओं में भी देखने को मिल रही है। डायबिटीज़ एक मुख्य कारण हो सकता है कम उम्र में स्तंभन दोष जैसी बीमारी होने का।

  • स्तंभन दोष के लक्षण

स्तंभन दोष होने पर इसके लक्षण जल्द ही पूरूष को देखने को मिलने लगते है। जैसे कि सबसे पहला लक्षण तो इरेक्शन होने में समस्या आना, दूसरा बहुत कम समय के लिए इरेक्शन होना। इसकी के साथ अगर आपकी सेक्स की इच्छा में कमी आ रही है तो यह भी स्तंभन दोष का एक मुख्य लक्षण हो सकता है।

स्तंभन दोष को रोकने के उपाय

स्तंभन दोष को रोकने के लिए कई तरह के उपाय है जिन्हें अपनाकर पुरुष इस बीमारी से आसानी से निजात पा सकते है, और इसे बढ़ने से रोक सकते है। नियमित रूप से समय-2 अपनी पूरी बॉडी का चेकअप कराएँ, इससे न केवल अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद मिलती है बल्कि आपको अपने शरीर की किसी भी अदरूनी समस्या के बारे में भी पता चलता है। जिससे की उसका समय पर इलाज करवा उसे ठीक किया जा सकता है। नियमित रूप से अपने चिकित्सक से मिलने से पुरूषों को स्तंभन दोष के बारे में भी पता चल जाता है।

  • धूम्रपान और नशीले पदार्थों का सेवन बंद करें

यदि आपको अपनी बॉडी में स्तंभन दोष के लक्षण दिखाई देते है तो जल्द से जल्द डॉक्टर की सलाह लें। इसी के साथ धूम्रपान समेत नशीले पदार्थों का सेवन बंद करें।

  • अपनी जीवनशैली में सुधार करना

स्तंभन दोष के रोगियों को अपनी जीनवशैली में सुधार करना चाहिए। प्रतिदिन व्यायाम करना चाहिए। व्यायाम एक ऐसी चीज है जिसकी शरीर को नियमित जरूरत है इसी के साथ यह आपके शरीर में रक्त के प्रवाह को नियंत्रित रखती है॥ इसी के साथ आपको अपनी जीवनशैली में पौष्टिक आहार का ज्यादा से ज्यादा सेवन करना चाहिए।

  • मानसिक तनाव से दूर रहें

स्तंभन दोष से बचने का एक उपाय है मानसिक तनाव से दूर रहना। इसी के साथ अगर आप डिप्रेशन जैसी बीमारी से ग्रसित है तो आपको किसी अच्छे थेरेपिस्ट के पास जाना चाहिए। इससे आपका डिप्रेशन तो दूर होगा ही साथ ही साथ यह आपकी स्तंभन दोष की स्थिति को भी सुधारने में मदद करता है।

  • स्तंभन दोष का इलाज

कहते है कि अगर कोई बीमारी है तो उसका इलाज भी जरूर है। इसी तरह स्तंभन दोष का भी इलाज है। स्तंभन दोष का इलाज मुख्य दो तरीकों से किया जाता है। स्तंभन दोष से निजात पाने का एक मुख्य तरीका है सर्जरी। तो वहीं दूसरा तरीका है डॉक्टर द्वारा सुझाई गई दवाएँ। बहुत-सी ऐसी दवाइयाँ है जिनके प्रयोग से हम स्तंभन दोष को दूर कर सकते है। लेकिन वहीं अगर दवाइयाँ कारगर साबित न हो तो दूसरा और अंतिम तरीका है सर्जरी का। इन दवाइयों के साथ ही कई प्रकार की आयुर्वेदिक दवाइयाँ भी है जिनके सेवन से पुरुषों को स्तंभन दोष से निजात मिल सकता है।

  • शिलाजीत का सेवन करें

स्तंभन दोष के पुरुषों के लिए शिलाजीत बेहद ही लाभकारी होती है। शिलाजीत एक आयुर्वेदिक औषधि है जोक लंबे समय से पुरुषों की सेक्स पावर बढ़ाने के लिए इस्तेमाल की जाती रही है। इसी के साथ यह स्तंभन दोष जैसी समस्याओं का आयुर्वेदिक इलाज है जिसका सेवन इन समस्याओं से परेशान लोग करते रहे हैं। शिलाजीत का सेवन गर्म दूध में मिलाकर और डॉक्टर की सलाह पर ही करें।

  • अश्वगंधा का सेवन करें

स्तंभन दोष के पुरुषों के लिए अश्वगंधा भी बेहद ही लाभकारी होती है। यह तंत्रिका, रेस्पेरेटरी और रिप्रोडक्टिव सिस्टम को ठीक करता है। अश्वगंधा, जोकि एक आयुर्वेदिक दवा है। इसका उपयोग सेक्स की उत्तेजना बढ़ाने, इसी के साथ इस दवा के अंदर शरीर को ऊर्जा और आराम देकर सुलाने वाले गुण पाए जाते है। वहीं अश्वगंधा स्पर्म के उत्पादन को भी बढ़ाता है और यौन कमजोरी को भी दूर करता है।

  • चवनप्राश का सेवन करें

स्तभंन दोष का एक मुख्य कारण शरीर में कमजोरी आना भी है। शरीर की कमजोरी दूर करने के लिए चवनप्राश बेहद ही लाभकारी सिद्ध होता है। चवनप्राश शरीर की कमजोरी को दूर कर इम्यून सिस्टम और ताकत को बढ़ाता है और स्तंभन दोष जैसी बीमारियों को भी दूर करता है।

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